स्नेह का मार्ग अत्यंत सरल है – घनानंद

स्नेह का मार्ग अत्यंत सरल है – घनानंद

अति सूधो सनेह को मारग है,जहाँ नेकु सयानप बाँक नहीं।इहाँ साँचे चलैं तजि आपनपौ,झिझकैं कपटी जे निसाँक नहीं॥ शब्दार्थ- स्नेह का, प्रीत का मार्ग एकदम सरल है, सीधा है | इसमें थोड़ा भी चतुर व्यक्तियों वाला, सयानों वाला टेढ़ापन नहीं है, बच कर निकलने की चतुराई नहीं है | इस...