मन चंचल
इच्छाएं अनेक
पर वश में रखना
सीख लो ये एक
विश्वास भरे, सधे क़दमों से
पार करो हर दूरी
मेरे प्रिय मित्र, सीख लो ये दूसरी
मुश्किलें आयेंगी
ऊंचा रखना हौसला
ये दम डगर तोड़ डाले
होगा तुम्हारा ही फैसला
सुनना दिल की, क्या है जरुरी
साध लो साथी, सीख है ये तीसरी
चौथी सीख को पीना
सादगी से जीना
और बहाना पसीना
न छोड़ना कभी अपनों का साथ
याद भी रखना पर कर देना माफ़
पांचवे हो तुम
बस अपने एक साथी
जलो चाहे जैसे, बनो तेल
या दिया या बाती
आँख हो लक्ष्य जो है उजाला
तुम रहोगे, चाहे सत्य है काल
ठाना है तुमने, नहीं हो निवाला
Excellent